सुप्रीम कोर्ट की जहां राष्ट्र की सुरक्षा और अस्मिता का प्रश्न हो वहां सुप्रीम कोर्ट को भी निर्बल होना चाहिए | सुप्रीम कोर्ट की कार्यशैलीMechanism है वहीँ देश के हित के लिए कड़े और सविधान से इतर फैसला भी लेना पड़ेगा वार्ना राष्ट्र तबाह हो जायेगा | कई बुद्धिहीन चंद रुपयों के लोभ में आमजन को गुमराह करते रहते है इसमें कोई संदेह नहीं कि वे कुछ राष्ट्रद्रोह में संलजहां राष्ट्र की सुरक्षा और अस्मिता का प्रश्न हो वहां सुप्रीम कोर्ट को भी निर्बल होना चाहिए | सुप्रीम कोर्ट की कार्यशैली Mechanism है वहीँ देश के हित के लिए कड़े और सविधान से इतर फैसला भी लेना पड़ेगा वार्ना राष्ट्र तबाह हो जायेगा | कई बुद्धिहीन चंद रुपयों के लोभ में आमजन को गुमराह करते रहते है इसमें कोई संदेह नहीं कि वे कुछ राष्ट्रद्रोह में संलग्न गिरोहों से जुड़े होते है |ये भारत के बहुसंख्यक हिन्दुओं के विनाश के लिए हर समय प्रयास करते रहते हैं | जयचंद हिन्दुओं का पहला द्रोही था उसके बाद राजा मान सिंह और अनेक ऐसे राष्ट्रद्रोही हिन्दू राजा हुए जिन्होंने भारत का नुकसान किया तद्पश्चात १९४७ में कुछ नेताओं ने सबसे बड़ा नुकसान पंहुचाया और अब कुछ राजनैतिक पार्टिया इस कार्य को अंजाम दे रही है जो खतरनाक स्तर पर सक्रीय है डर है कि कही इसे सीरिया कि तरह बर्बाद न कर दे | चीन मन्मयार इस बात को समझ चुके है लेकिन भारत आज भी सो रहा है | तर्क दे कर देश समय बर्बाद कर रहा है इसलिए उठो जागृत हो बढ़ो |ग्न गिरोहों से जुड़े होते है |ये भारत के बहुसंख्यक हिन्दुओं के विनाश के लिए हर समय प्रयास करते रहते हैं | जयचंद हिन्दुओं का पहला द्रोही था उसके बाद राजा मान सिंह और अनेक ऐसे राष्ट्रद्रोही हिन्दू राजा हुए जिन्होंने भारत का नुकसान किया तद्पश्चात १९४७ में कुछ नेताओं ने सबसे बड़ा नुकसान पंहुचाया और अब कुछ राजनैतिक पार्टिया इस कार्य को अंजाम दे रही है जो खतरनाक स्तर पर सक्रीय है डर है कि कही इसे सीरिया कि तरह बर्बाद न कर दे | चीन मन्मयार इस बात को समझ चुके है लेकिन भारत आज भी सो रहा है | तर्क दे कर देश समय बर्बाद कर रहा है इसलिए उठो जागृत हो बढ़ो |
vinodojha86
Tuesday, October 17, 2017
Saturday, September 30, 2017
विजय दशमी
विजय दशमी
राजा रावण महाप्रतापी तथा शिव तांडव का रचयिता विद्वान् पंडित था | ब्राम्णत्व के तेज से उसने स्वर्ग के देवताओं को परास्त किया था एक अच्छा प्रशासक और वित्त व्यवस्था का जानकार था | एक श्रेष्ठ सेनाध्यक्ष था | इस दृष्टि से वह पूजनीय था जो राम ने भी स्वीकार किया, यही कारण है कि उन्होंने लक्षमण को रावण से शिक्षा लेने के लिए कहा था | केवल अहंकार के कारण उसका विनाश हुआ था | हर वर्ष हम बुराई कहकर उसका पुतला जलाते है | आश्चर्य तो तब होता है कि वो लोग पुतले को जलाते हैं जो बुराई के दलदल में आकंठ डूबे हुए हैं | इसमें कोई संदेह नहीं रावण में बहुत सारे गुण थे और वह पूजनीय है दशहरे पर हम अहंकार का प्रतीकात्मक पुतला जलाते है | इसका ये तात्पर्य है कि हम अपने अंदर जो अहंकार पाले बैठे हैं उसका दहन करे | यह सत्य असत्य का विषय नहीं या अच्छे की bure पर जीत नहीं अपितु अहंकार पर विजय का उत्सव है |
Tuesday, June 13, 2017
किसान आंदोलन का सच
होता यह है कि छोटे किसानो कि आड़ लेकर नेता और बड़े किसान फायदा उठाते है | इस आड़ में बीज और मशीन बेचने वाले व्यापारी फर्जी रशीद बनाकर बैंक के भ्र्ष्ट कर्मचारियों के साथ मिलकर सरकार को धोखा देते हैं | छोटे किसान को थोड़ा हिस्सा देकर सब हड़प का जाते हैं | किसान उसे गैर कृषि कार्यों में खर्च करके कर्जदार हो जाता है | इस तरह से कर्जमाफी कि आड़ में धंधा फलता फूलता है |
किसानो को आत्महत्या नहीं करनी पड़े और उसका परिवार भूखा भी न मरे इसकेलिए एक प्लान है | १. जो भूमि किसान के लिए भूखमरी और और आत्महत्या का कारण बने उसे सरकार अपने कब्जे में लेले
और उसे नौकरी देदे |
२. कर्ज के खर्चे का नकद भुगतान की बजाय किसान को कृषि के लिए दिए गए कर्ज की सरकारी विभाग द्वारा
मॉनिटरिंग की जाय और उसका ब्योरा रखकर समीक्षा करे |
३. किराये पर लाये गए आंदोलनकारियों के साथ कठोरता से निपटे |
४. ऐसे नेताओं को कठोरता से दण्डित करे जो भड़काते है |
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५ किस्सनो के साथ नियमित बातचीत के द्वारा उनकी समस्या को सुने और समय समय पर निराकरण करे |
६. यदि छोटे व्यापारी और मजदूर कर्मी भी ऐसी मांग उठाने लगे तो अर्थव्यवस्था बैठ जाएगी और विकास अवरुद्ध हो जायेगा |
Saturday, April 16, 2016
नेहरु भी भली भांति जानते थे इसीलिए डॉ अम्बेडकर को डिफेम करते रहे कांग्रेस की सरकार होते हुए उन्हें जानबूझकर हरा दिया गया | डॉ अम्बेडकर को राष्ट्रीय नेता होना चाहिए था उन्हें दलित नेता बनाकर वोट के लिए इस्तेमाल किया गया | डॉ अम्बेडकर ने आरक्षण १० वर्षों के लिए किया ताकि वे सामान्य धरा पर एक साथ रह सकें | जाहिल नेताओं ने इसे हथियार बनाकर समाज को और अधिक तोड़ दिया | दोनों वर्गों में नफ़रत फैला दी | वर्ग संघर्ष के हालात पैदा कर किया | उन्होंने हर वर्ग में दलित लोगों की बात कही थी ये लोग कभी नहीं बताएँगे | क्योंकि कांग्रेस में उन फिरका परस्त हिन्दुओं ने ये गन्दगी फैलाई थी इसलिए बाबा साहिब ने बौद्ध धर्म को अपनाया जो कि हिन्दू धर्म का उपविभाग है |बुद्ध को हिन्दू धर्म में अवतार माना गया है | बौद्ध गया में आज भी ब्राम्हण पुजारी होते हैं | इस्लाम के लिए उन्हें बहुत लालच दिया गया जिसे उन्होंने ठुकरा दिया था | मायावती किस एंगल से दलित है जरा सोचिये ? ये उन्ही पीढ़ी की है जिसके नेहरु थे | दलित वोट के लिए जनता की भावनाओं का शोषण करती है | देश हित के लिए इन लोगों का प्रतिकार करें और सर्व जन हिताय सर्व जन सुखाय के लिए अच्छा नेता चुने |
विनोद कुमार ओझा
Tuesday, July 16, 2013
हिंदू सदा राष्ट्रवादी रहा है, राष्ट्रद्रोही नहीं| जो हिंदू नहीं वह राष्ट्रवादी भी नहीं हो सकता| हिंदू कोई संप्रदाय विशेष नहीं है, एक जीवन शैली है जो संपूर्ण भारतीय प्रायः द्वीप मे फैली हुई है| वह हर व्यक्ति जो हिन्दुस्तान मे रहता है हिंदू है, उसी प्रकार जैसे इटली का नागरिक इतेलियन होता है| दरअसल हमारे संविधान निर्माता दिमागी रूप से इतने परिपक्व नहीं थे कि एसा संविधान बनाते जो यहाँ की सभ्यता और संस्कृति और यहाँ के निवासियों को ध्यान मे रख कर बनाया गया हो बल्कि दूसरे देशों के संविधानो से उधार लेकर या यों कहिए चुरा कर लिया गया था जो कि हमारे देश के लिए घातक थे| इस संविधान को आज के परिपेक्छ मे नये तरीके से लिखने की आवश्यकता है| १९४७ से पहले राष्ट्रवादी होना अपराध माना जाता था और १९४७ के बाद भी इसे कॉंग्रेसी लोग अपराध कहते हैं, क्यों? उन लोगों को स्पष्ट करना चाहिए कि हिंदू राष्ट्रवाद उनके लिए क्या है|
Monday, June 10, 2013
Sunday, June 9, 2013
सच तो यह है
-देश में जिंदगी की कीमत घट रही है,
-महंगाई बढ़ रही है
- प्रधानमंत्री पर सीधे भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं
- चीन चारों तरफ से देश को घेर रहा है
- दुनिया के छोटे देश भी हमारी अनसुनी कर रहे
- मोदी को कमान दल के लिए नहीं देश के लिए
- लोकतंत्र में जो लोकप्रिय होता है, वही नेता होता है
- प्रधानमंत्री पर सीधे भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं
- चीन चारों तरफ से देश को घेर रहा है
- दुनिया के छोटे देश भी हमारी अनसुनी कर रहे
- मोदी को कमान दल के लिए नहीं देश के लिए
- लोकतंत्र में जो लोकप्रिय होता है, वही नेता होता है
- भ्रष्टाचार पर पर्दा डालती है कांग्रेस
- भ्रष्टाचार अपने चरम पर है
- महंगाई में जीना मुहाल हो गया है
- उत्साह नहीं, उदासीन है केंद्र सरकार
- कांग्रेस ने देश को नेतृत्वहीन बना दिया
- कांग्रेस राज में देश बेचारा हुआ
- भ्रष्टाचार अपने चरम पर है
- महंगाई में जीना मुहाल हो गया है
- उत्साह नहीं, उदासीन है केंद्र सरकार
- कांग्रेस ने देश को नेतृत्वहीन बना दिया
- कांग्रेस राज में देश बेचारा हुआ
एक चाय बेचने वाला प्रदेश का मुख्यमंत्री बने और देश का एक लोकप्रिय नेता हो जाये - यह सिर्फ बीजेपी में हो सकता है, क्योंकि कांग्रेस में तो प्रधानमन्त्री या तो इम्पोर्ट किये जाते हैं या फिर नेहरु परिवार से होते है." भारत का है एक ही सपना - कांग्रेस मुक्त हो देश ये अपना. बीजेपी ने भी आगामी लोकसभा चुनावों के लिए चुनौती है।
उधर, डरे हुए कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा, "हम मोदी से डरे हुए नहीं हैं। हम चुनावी लड़ाई के लिए तैयार हैं।"
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